ट्विस्टेड डिजायर का नया चैप्टर 113 अपलोड हो चुका है। जाइए पढ़िए व समीक्षा,रेटिंग देना मत भूलिए।
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ये मेरी न्यू नॉवेल है, उम्मीद है आपको यह कहानी जरूर पसंद आएगी। ❤️🔥बेपनाह इश्क❤️🔥
जब वैदेही ने सोचा कि उसे अपनी ज़िंदगी का सच्चा प्यार मिल गया है, तब उसे ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि वह दरअसल अपनी ही बर्बादी की ओर कदम बढ़ा रही है। यह कहानी सिर्फ मोहब्बत की नहीं, बल्कि एक गहरे धोखे और खतरनाक बदले की है। हालात के खेल ने उन्हें एक ज़बरदस्ती की शादी के अटूट बंधन में बाँध दिया एक ऐसा रिश्ता, जिसमें न चाहत थी, न भरोसा… एक तरफ वेदांत की बेइंतहा नफ़रत और उसका अहंकार, तो दूसरी तरफ वैदेही की बेबसी और टूटता हुआ विश्वास। इस बेपनाह इश्क के पीछे छिपा है एक ऐसा डार्क पास्ट, जो अगर सामने आ गया… तो सब कुछ तबाह कर देगा। क्या नफ़रत की आग में जलकर मोहब्बत राख हो जाएगी? क्या यह नफ़रत कभी जुनून में बदलेगी? क्या धोखे की बुनियाद पर खड़ी यह शादी कभी सच्चे प्यार का रूप ले पाएगी? जानिए, "बेपनाह इश्क" की इस खतरनाक और रोमांचक दास्तान में… क्या होगा?
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"Twisted Desire" का नया चैप्टर 111 अपलोड हो चुका है 💕 💕 कहानी कैसी लग रही है, समीक्षा में जरूर बताएं और रेटिंग देना न भूलें!
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अब जाकर विधान ने ईरांशी का चेहरा देखा जो बिल्कुल लाल पड़ चुका था। वाकई, उसकी तबियत ठीक नहीं थी। विधान की ग्रे ब्लैड रेड आईज ईरांशी की लाल हो चुकी ब्लू आईज से टकराईं... फिर अचानक विधान ने बंदूक ईरांशी के सिर पर लगा दी। वो ट्रिगर दबाने ही वाला था कि
“विधान... मैं हाथ जोड़ता हूँ!” अगस्त्य ने रुंधी हुई आवाज में कहा। “लेकिन उसे छोड़ दे... तुझे मेरे साथ जो करना है, कर ले, पर उसे बीच में मत ला। उसकी तबियत सही नहीं है।”
अगस्त्य की आँखों में आँसू थे। उसे देख विधान के होंठों के कोने हल्के से मुड़ गए। “ठीक है... छोड़ दूँगा।” विधान ने धीमे से कहा, फिर एना की तरफ देखा और इशारा किया। एना ने तुरंत अगस्त्य के सामने कुछ पेपर्स फेंके। अगस्त्य, जो घुटनों के बल बैठा था, उन पेपर्स को देखते ही बोला,“पेन…”
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आगे जानने के लिए पढ़े आज का चैप्टर और चैप्टर कैसा लगा जरूर बताना। राधे राधे 💗
*** दूसरी ओर अगस्त्य अब भी ईरांशी के पास बैठा था। वह अब तक आँखें बंद किए लेटी हुई थी, और उसे होश नहीं आया था। अगस्त्य की आँखें नम थीं, उसकी नज़रें बस ईरांशी पर टिकी हुई थीं।
डॉक्टर लगातार उसे चेक कर रहे थे, मगर कोई हरकत कोई हलचल नहीं दिखी। आखिरकार डॉक्टरों ने मान लिया कि ईरांशी कोमा स्टेट में चली गई।
“मिस्टर राणावत, हम अब और कोशिश नहीं कर सकते। इन्हें एक दिन से भी ज़्यादा होने को है, पर इनके शरीर में अभी तक एक भी मूवमेंट नहीं हुई। हमें बेहद दुख है, लेकिन आपको मानना होगा कि मिस मल्होत्रा अब कोमा स्टेट में जा चुकी हैं। लेकिन अगर भगवान ने चाहा तो ये जल्द ठीक हो सकती हैं… या फिर साल भी लग सकते हैं… और शायद कभी नहीं।”
ये शब्द एक स्पेशलिस्ट डॉक्टर ने कहे, जो उम्र में बड़े और तजुर्बेकार लग रहे थे। उन्होंने अगस्त्य के कंधे पर हल्के से थपथपाया और कमरे से बाहर चले गए।
अगस्त्य ईरांशी का हाथ थामे हुए था। उसकी आवाज़ रुंधी हुई थी,“प्लीज़, लाडो… अपनी आँखें खोल दो। प्लीज़…” इसी बीच, राणावत मेंशन के बाहर एक कार आकर रुकी। उसमें से काले कोट पहने एक नौजवान उतरा और अंदर की ओर बढ़ा। मगर आश्चर्य की बात अंदर कोई नहीं था।
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अब क्या करेगा अगस्त्य? और वो नौजवान आखिर कौन था...? जानने के लिए पढ़िए आज का चैप्टर... राधे राधे 💗💗💗।।।
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Premjeet Randhawa
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