दिनेश अधित्या ( अयांश के बड़े पापा ) - कहा ले जा रहा है इसे, अयांश (नशे में लड़खड़ाते हुए ) - पत्नी है ना,,,,नई - नई शादी हुई है हमारी,तो सुहागरात तो बनती है ना।। सुहागरात की बात सुन, और अयांश को फिर से नशे में देख एकांशी के दिल में जो बची हुई हिम्मत होती है,वो भी खत्म हो जाती है और आंखो से लगातार आंसू बहने लगते है,डर से उसके हाथ पांव बिल्कुल ठंडे पड़ जाते है,उसके दिमाग में इस वक्त एक ही ख्याल घूम रहा होता की अगर इस बार वो अयांश से छूट गई तो वो अपने आप को खत्म कर देगी।।।
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