Deprecated: Constant FILTER_SANITIZE_STRING is deprecated in /home/forvillsocial.com/master/assets/includes/functions_one.php on line 11366
*💐🌷🌹आज का रात्रि चिंतन🌹🌷💐* *हरी,कि,तरह,व्यक्ति,कि..

*💐🌷🌹आज का रात्रि चिंतन🌹🌷💐*
*हरी,कि,तरह,व्यक्ति,कि,इक्षाये,भी,अनंत है,परन्तु उन,इक्षाओं,को अगर हम हरि के,भजन,मे लगा दे, तो, इच्छा कि पुर्ती भी हो,जाएगी, श्री हरी मे मन भी लग जाता है*
*💐🌷🌹मन के जिस दरवाजे से शक अंदर प्रवेश करता है प्यार और विश्वास उसी दरवाजे से बाहर निकल जाते है..!!*
*💐🌷🌹समझदार व्यक्ति जब संबंध निभाना बंद कर देता है तो समझ लो,उसके आत्मसम्मान को कही ना कहीं ठेस पहुंची है। ..!!*
*💐🌷🌹सिखा ना सकी,जो उम्र भर तमाम,किताबें हमें,फिर करीब से, कुछ चेहरे पढ़े,और ना जाने कितने,सबक सीख लिए,मुखौटे लगे चेहरे,क्यूँ पसन्द आते हैं सबको सादगी भरे सच्चे लोग, क्यूँ तन्हा रह जाते हैं,लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं,यदि यह भी मैं ही सोचूं,तो फिर लोग क्या सोचेंगे।*
*❗जय श्री कृष्ण राधे राधे👏❗*
*💐🌷🌹शुभ रात्रि👏🌹🌷💐*

پسند