Story Mania Logo
    • एडवांस सर्च
  • गेस्ट
    • लॉग इन करें
    • रजिस्टर
    • दिन मोड
Kamini khandey Cover Image
User Image
आवरण स्थिति बदलने के लिए खींचें
Kamini khandey Profile Picture
Kamini khandey
  • समय
  • निम्नलिखित
  • समर्थक
  • तस्वीरें
  • वीडियो
Kamini khandey profile picture
Kamini khandey
16 बजे

Story Mania पर Kamini khandey प्रोफ़ाइल देखें


https://storymania.in/BZBdcdadAlkez

लंबी कहानी (150+ भाग) केवल Story Mania पर पढ़ें

1776835455351.webp
पसंद करना
टिप्पणी
शेयर करना
avatar

Saba Quraishi

1776842732
tumhari story show nahi ho rahi h profile pr
0 · 0
2 जवाब

टिप्पणी हटाएं

क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?

avatar

shama gupta

1776844332
okay
1 · 0 · 0

टिप्पणी हटाएं

क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?

avatar

Namichand Gurjar

1776874418
ok
0 · 0 · 0

टिप्पणी हटाएं

क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?

Kamini khandey profile picture
Kamini khandey
1 डी

नमस्ते दोस्तों! मैं हूँ आपकी कामिनी खांडे। "अधूरा सौदा" के इस धमाकेदार मोड़ ने आप सबका दिल जीत लिया है, इसके लिए बहुत-बहुत शुक्रिया!
अगर आप चाहते हैं कि शौर्य और मीरा की यह लव स्टोरी StoryMania के "Hot & Trending" सेक्शन में नंबर 1 पर रहे, तो बस ये 4 छोटे काम करें:
🌟 5-Star Rating दें: आपकी रेटिंग ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।
❤️ Like & Follow: मेरी प्रोफाइल को फॉलो करें ताकि नया चैप्टर आते ही आपको पता चल जाए।
💬 Comment करें: आपको कहानी कैसी लग रही है? कमेंट में अपना प्यार ज़रूर दिखाएं।
🔗 Link Share करें: इस कहानी का लिंक अपने दोस्तों और ग्रुप्स में शेयर करें ताकि वो भी इस रोमांच का हिस्सा बन सकें! "माँ जी, आप इस ख़त को मुझसे क्यों छिपा रही हैं? अगर इसमें मेरे पिता का नाम है, तो इस पर मेरा हक है!" मीरा की आवाज़ में एक ऐसी दृढ़ता थी जिसे सुमित्रा देवी अब और दबा नहीं सकती थीं।

(Fast Build - Family Drama)

शौर्य भी शोर सुनकर कमरे से बाहर आ गया था। उसने देखा कि उसकी माँ एक पुराने संदूक को सीने से लगाए खड़ी हैं और मीरा के चेहरे पर हज़ारों सवाल हैं। सुमित्रा देवी ने झटके से वो संदूक बंद किया, लेकिन एक पीला पड़ा हुआ कागज़ फर्श पर ही रह गया।

शौर्य ने आगे बढ़कर वो कागज़ उठा लिया। जैसे-जैसे उसने उस ख़त को पढ़ा, उसके माथे पर पसीने की बूंदें चमकने लगीं। "माँ... ये सब क्या है? इसमें लिखा है कि मीरा के पिता को गाँव भेजने के पीछे... आपका हाथ था?"

मीरा का दिल जैसे धड़कना भूल गया। उसने शौर्य के हाथ से वो ख़त झपट लिया। उसमें साफ लिखा था कि बरसों पहले सुमित्रा देवी ने मीरा के पिता पर चोरी का झूठा इल्जाम लगवाया था ताकि वो खानदान की जायदाद से अपना हिस्सा छोड़कर चले जाएं।सुमित्रा देवी का कबूलनामा)

सुमित्रा देवी फूट-फूट कर रोने लगीं। "हाँ! मैंने किया था। मैं डर गई थी कि अगर तुम्हारे पिता का हिस्सा उन्हें मिल गया, तो शौर्य के पास क्या बचेगा? मैं एक माँ थी मीरा, और अपने बेटे के भविष्य के लिए मैं अंधी हो गई थी।"

हॉल में भारी सन्नाटा छा गया। मीरा की आँखों से बेतहाशा आँसू बहने लगे। "सिर्फ पैसे के लिए? आपने मेरे पिता को दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर कर दिया? उन्हें गरीबी की उस आग में झोंक दिया जहाँ मेरी माँ ने बिना इलाज के दम तोड़ दिया?"

शौर्य शर्मिंदगी से झुक गया। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वो अपनी माँ का बचाव करे या अपनी पत्नी के दर्द को बांटे।जज्बाती फैसला)

मीरा ने अपनी आंखों के आंसू पोंछे और अपनी अलमारी की तरफ बढ़ी। उसने अपना वही पुराना झोला निकाला जिसे लेकर वो गाँव से आई थी।

"मीरा! रुक जाओ... तुम कहाँ जा रही हो?" शौर्य ने उसका रास्ता रोका। उसकी आवाज़ में गिड़गिड़ाहट थी।

"शौर्य जी, जिस घर की नींव ही मेरे परिवार की बर्बादी पर रखी हो, मैं वहाँ एक पल भी नहीं रह सकती। ये कॉन्ट्रैक्ट तो आपने जला दिया था, पर ये रिश्ता भी अब जल चुका है।" मीरा ने कड़वाहट से कहा।

शौर्य ने मीरा का हाथ पकड़ लिया। "मेरी माँ की गलती की सज़ा मुझे मत दो मीरा। मैं वादा करता हूँ, तुम्हारे पिता को उनका सारा हक, सम्मान और ये हवेली वापस मिलेगी। बस मुझे छोड़कर मत जाओ।"मीरा ने शौर्य का हाथ धीरे से हटा दिया। "सम्मान माँगा नहीं जाता शौर्य जी, कमाया जाता है। मैं अपने पिता के पास जा रही हूँ। अगर आप वाकई शर्मिंदा हैं, तो उन्हें यहाँ इंसाफ के साथ बुलाने आइयेगा, एक सौदे के साथ नहीं।"

मीरा हवेली के बड़े दरवाज़े से बाहर निकल गई। अंधेरी रात थी और बारिश शुरू हो चुकी थी। तभी सड़क पर एक काली गाड़ी आकर रुकी। उसका शीशा नीचे हुआ, और अंदर कोई और नहीं... मीरा के पिता बैठे थे! उनके साथ एक वकील भी था।

"बेटी! अब हमें किसी के रहमों-करम की ज़रूरत नहीं है। अब हम इस हवेली में मालिक बनकर कदम रखेंगे।"

मीरा के पिता के पास ऐसा कौन सा कागज़ था जिसने रातों-रात बाजी पलट दी? क्या शौर्य और मीरा का प्यार इस खानदानी दुश्मनी की भेंट चढ़ जाएगा?नमस्ते दोस्तों! आपकी कामिनी खांडे आज एक बहुत ही भावुक मोड़ लेकर आई है। सुमित्रा देवी का सच सामने आ गया है और अब मीरा के पिता की एक 'पावरफुल' एंट्री हुई है। अब कहानी में बराबरी की टक्कर होगी!

🌟 Trending Challenge:

क्या मीरा को अपने पिता का साथ देकर शौर्य से अलग हो जाना चाहिए? या उसे शौर्य के प्यार पर यकीन करना चाहिए?

अपनी राय कमेंट में लिखें— "FATHER" या "SHAURYA"!

अगर आपको मीरा का ये स्वाभिमान पसंद आया, तो 5-Star रेटिंग ज़रूर दें! चैप्टर 15 कल सुबह!

कामिनी, यह 'इमोशनल बदला' वाला ट्रैक आपकी लव स्टोरी को और भी ऊंचाइयों पर ले जाएगा! 1000 शब्दों का यह चैप्टर पाठकों को झकझोर देगा।

क्या हम चैप्टर 15 (हवेली की नई मालकिन) की तैयारी करें? बस 'Next' बोलिए! पापा! आप यहाँ?" मीरा की आवाज़ बारिश की बूंदों के बीच गूँज उठी। लेकिन उसके पिता की आँखों में वो लाचारी नहीं थी, जो उसने गाँव के उस टूटे हुए घर में देखी थी। आज उनकी आँखों में एक विजेता की चमक थी।हवेली के बड़े गेट के सामने खड़ी गाड़ी से मीरा के पिता, रामदीन जी, बाहर निकले। उनके साथ शहर के सबसे बड़े कानूनी सलाहकार थे। शौर्य और सुमित्रा देवी भी बाहर आ चुके थे। शौर्य के चेहरे पर एक अजीब सी राहत थी, पर सुमित्रा देवी के चेहरे पर हवाइयाँ उड़ रही थीं।

वकील ने एक फाइल खोली और भारी आवाज़ में पढ़ना शुरू किया, "मिस्टर प्रताप सिंह की आखिरी वसीयत के अनुसार, इस हवेली और व्यापार का 60% हिस्सा रामदीन जी के नाम है। शौर्य प्रताप सिंह को सिर्फ संरक्षक (Caretaker) बनाया गया था जब तक कि रामदीन जी की बेटी यानी मीरा की शादी नहीं हो जाती।"

पूरे परिसर में सन्नाटा छा गया। कल तक जिसे सब 'मदद' समझ रहे थे, वो असल में मीरा का अपना हक था जिसे शौर्य के खानदान ने वर्षों से दबा रखा था।मीरा ने पलटकर शौर्य को देखा। "क्या आपको ये सब पहले से पता था शौर्य जी? क्या इसीलिए आपने मुझसे वो कॉन्ट्रैक्ट मैरिज की थी? ताकि ये सब सच कभी बाहर न आ सके?"

शौर्य की आँखों में एक कतरा आँसू था। "मीरा, मैं सच बता देता तो तुम कभी यकीन नहीं करतीं। मैं बस इंतज़ार कर रहा था कि तुम खुद इस घर को अपना मान लो। जायदाद मेरे लिए कभी मायने नहीं रखती थी, तुम रखती थी।"

रामदीन जी ने मीरा का हाथ पकड़ा। "नहीं मीरा! ये सब बातें अब पुरानी हो चुकी हैं। इन्होंने हमारे साथ जो किया, उसकी कीमत अब इन्हें चुकानी होगी। सुमित्रा जी, आज से आप इस हवेली की मालकिन नहीं हैं।"जज्बाती फैसला और प्यार की परीक्षा)

सुमित्रा देवी के पैर लड़खड़ा गए। वो जो कल तक मीरा को 'गाँव वाली' कहकर चिढ़ाती थीं, आज उसी के सामने बेबस खड़ी थीं। मीरा ने देखा कि शौर्य अपनी माँ को संभालने के लिए आगे बढ़ा, पर उसकी नज़रों में मीरा के लिए कोई गुस्सा नहीं, सिर्फ एक हार स्वीकार करने वाला भाव था।

शौर्य ने अपनी जेब से हवेली की मुख्य चाबियाँ निकालीं और मीरा की हथेली पर रख दीं। "मुबारक हो मीरा। आज तुम उस जगह पहुँच गई जहाँ तुम्हें बहुत पहले होना चाहिए था। मैं और माँ कल सुबह तक ये घर खाली कर देंगे।"

मीरा का दिल जैसे फट रहा था। एक तरफ उसके पिता का सम्मान और बरसों का अन्याय था, और दूसरी तरफ वो आदमी जिससे उसने अनजाने में ही सही, पर सच्ची मोहब्बत की थी।जैसे ही शौर्य मुड़कर अंदर जाने लगा, मीरा ने उसका हाथ पकड़ लिया। "रुको शौर्य जी! वसीयत में एक और बात भी लिखी है जो शायद वकील साहब पढ़ना भूल गए।"

मीरा ने वकील के हाथ से फाइल ली और एक पन्ने की तरफ इशारा किया। "इसमें लिखा है कि अगर वारिस यानी मैं, अपनी मर्ज़ी से किसी को इस जायदाद में साझीदार बनाना चाहूँ, तो बना सकती हूँ।"

मीरा ने अपने पिता की ओर देखा और फिर शौर्य की ओर। "पापा, आपने इंसाफ माँगा था, मैंने दिला दिया। लेकिन शौर्य जी ने मुझे वो प्यार दिया जिसकी कीमत कोई भी वसीयत नहीं चुका सकती।"

तभी सुमित्रा देवी ने चिल्लाकर कहा, "मीरा, ये सब मत करो! मैंने तुम्हारे साथ बहुत बुरा किया है, मैं इस रहम के काबिल नहीं हूँ!"

लेकिन तभी हवेली के बाहर एक पुरानी एम्बुलेंस रुकी। उसमें से एक और राज बाहर आने वाला था जो मीरा और शौर्य की ज़िंदगी को फिर से हिला देने वाला था।नमस्ते दोस्तों! आपकी कामिनी खांडे वापस आ गई है। कहानी अब 'इंसाफ' के मोड़ पर है। मीरा ने शौर्य का हाथ थाम लिया है, पर वो एम्बुलेंस किसका राज लेकर आई है?

🌟 Trending Challenge:

क्या मीरा को सुमित्रा देवी को माफ़ कर देना चाहिए?

कमेंट में लिखें— "FORGIVE" या "NO"!

अगर आपको मीरा का ये बड़प्पन और प्यार पसंद आया, तो 5-Star रेटिंग ज़रूर दें! चैप्टर 16 कल सुबह!

कामिनी, यह चैप्टर आपकी कहानी को 'Super-Hit' बना देगा! इसमें बराबरी का मुकाबला और गहरा रोमांस है।

1776746477671.webp
पसंद करना
टिप्पणी
शेयर करना
avatar

Shivam Rao

1776752445
tr
1 · 0 · 0

टिप्पणी हटाएं

क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?

avatar

Suraj Gond

1776760524
very nice
1 · 0 · 0

टिप्पणी हटाएं

क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?

avatar

Saba Quraishi

1776762718
ok
0 · 0 · 0

टिप्पणी हटाएं

क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?

Kamini khandey profile picture
Kamini khandey
3 डी

"Story Mania पर Kamini khandey प्रोफ़ाइल देखें


https://storymania.in/BZBdcdadAieeh

लंबी कहानी (150+ भाग) केवल Story Mania पर पढ़ेंहाँ! ये सच है कि हमारी शादी एक कॉन्ट्रैक्ट से शुरू हुई थी!" शौर्य की इस बेबाक सच्चाई ने पूरी पार्टी में जैसे बम फोड़ दिया। मीरा का चेहरा सफेद पड़ गया, उसे लगा कि आज सब खत्म हो गया।"शौर्य! अगर आज तुमने मुझे छुआ, तो कल इस हवेली से तुम्हारी लाश बाहर जाएगी!" मीरा की आवाज़ में खौफ से ज़्यादा एक अजीब सी चेतावनी थी।कमरे में सन्नाटा छा गया। शौर्य के हाथ रुक गए। उसकी आँखों में गुस्सा उबलने लगा। उसने मीरा का हाथ इतनी ज़ोर से मरोड़ा कि उसकी चूड़ियाँ कलाई में चुभ गईं। "लाश मेरी निकलेगी या तुम्हारी... ये तो वक्त तय करेगा मीरा!" शौर्य की आवाज़ किसी ठंडी छुरी जैसी थी। मीरा कांप रही थी। हवेली के बाहर बिजली कड़क रही थी। उसे अहसास हुआ कि उसने किसी इंसान से नहीं, बल्कि एक शैतान से शादी कर ली है। शौर्य ने उसे धक्का दिया और अलमारी से एक पुरानी, धूल भरी फाइल निकाली। उसने एक फोटो मीरा के चेहरे के सामने लहराई। फोटो में एक लड़की थी, जो बिलकुल मीरा जैसी दिखती थी, लेकिन उसकी आँखों की जगह दो काले छेद थे! "ये... ये कौन है?" मीरा की चीख निकल गई। शौर्य मुस्कुराया, "ये मेरी पहली पत्नी है। और जानते हो समझौते की सबसे बड़ी शर्त क्या है? तुम्हें अगले 11 महीनों तक बिलकुल इसके जैसा बनकर रहना होगा। वही कपड़े, वही खुशबू... और वही खौफ!" मीरा पीछे हटने लगी, लेकिन दरवाज़ा अपने आप बंद हो गया। खिड़की के कांच पर फिर से वही खून के निशान उभरने लगे। अचानक मीरा को महसूस हुआ कि बेड के नीचे से कोई उसका पैर खींच रहा है। उसने नीचे झाँका... और जो देखा उसने उसका कलेजा मुँह को ला दिया। बेड के नीचे कोई इंसान नहीं, बल्कि एक कटी हुई उंगली पड़ी थी, जिस पर वही अंगूठी थी जो शौर्य ने अभी मीरा को पहनाई थी! अगर वो अंगूठी मीरा की उंगली में है, तो बेड के नीचे ये किसकी उंगली है? और क्या शौर्य को पता है कि इस कमरे में उनके अलावा कोई तीसरा भी मौजूद है? लो! इस पर दस्तखत करो और आज से तुम मेरी 'कागजी पत्नी' हो।" शौर्य प्रताप सिंह की आवाज ठंडी और चुभने वाली थी। उसने एक काला मखमली लिफाफा मीरा की तरफ उछाला। मीरा, जो अभी-अभी लाल जोड़े में दुल्हन बनकर इस आलीशान कमरे में आई थी, कांपते हाथों से उस लिफाफे को उठाने लगी। उसकी आँखों में आँसू थे। उसने सोचा था कि शादी का मतलब सात फेरे और उम्र भर का साथ होता है, लेकिन यहाँ तो मामला ही कुछ और था। "शौर्य जी... ये क्या है?" मीरा की आवाज हकला रही थी। शौर्य उसके करीब आया और उसका चेहरा ऊपर की तरफ उठाया। उसकी आँखों में नफरत साफ़ दिख रही थी। "यह मेरी आजादी का टिकट है और तुम्हारी गरीबी का इलाज। पूरे 100 करोड़ की जायदाद दांव पर लगी है मीरा, और मुझे बस 11 महीने के लिए दुनिया को दिखाने के लिए एक बीवी चाहिए। उसके बाद... तुम अपने रास्ते, मैं अपने।" मीरा ने पन्ना पलटा। उसमें बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था— 'विवाह समझौता' (Marriage Contract)। शर्तें पढ़कर मीरा के होश उड़ गए। मीरा को घर के बाहर एक आदर्श पत्नी का नाटक करना होगा। वह शौर्य की किसी भी निजी बात में दखल नहीं देगी। और सबसे भयानक शर्त... 'अगर मीरा ने समझौते की कोई भी बात किसी को बताई, तो उसे इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी होगी।' "साइन करो!" शौर्य चिल्लाया। मीरा ने कांपते हाथों से पेन उठाया। उसने अपने बीमार पिता का चेहरा याद किया जिनके इलाज के लिए उसे पैसों की सख्त जरूरत थी। उसने पन्ने पर दस्तखत कर दिए। शौर्य मुस्कुराया, पर वह मुस्कान डरावनी थी। उसने मीरा के गले से उसका कीमती हार झटके से उतारा। "अब से तुम इस सोने के पिंजरे की चिड़िया हो। और याद रखना... पिंजरे से भागने की कोशिश मत करना, वरना अंजाम बहुत बुरा होगा।" तभी अचानक कमरे की खिड़की जोर से खटखटाई। बाहर तूफान आ रहा था। मीरा ने खिड़की की तरफ देखा और उसकी चीख निकल गई। खिड़की के कांच पर किसी ने खून से लिखा था— 'भाग जाओ मीरा... वरना यह हवेली तुम्हें निगल जाएगी!'मीरा की सांसें अटक गईं। उसने थरथराते हाथों से शौर्य का कोट पकड़ा। "वो... वो देखिए शौर्य जी! खिड़की पर क्या लिखा है?" शौर्य ने खिड़की की तरफ देखा और फिर हिकारत से मीरा को पीछे धकेल दिया। "ड्रामा बंद करो मीरा! ये तुम्हारा कोई गाँव का खेल नहीं है। बाहर बारिश हो रही है, सिर्फ पानी की बूंदें हैं वो।" "नहीं! मैंने अपनी आँखों से खून देखा है!" मीरा चिल्लाई। शौर्य उसके चेहरे के एकदम करीब आया, उसकी आँखों में ठंडी आग थी। "इस घर में वही दिखेगा जो मैं चाहूँगा। और अभी मैं चाहता हूँ कि तुम चुपचाप उस सोफे पर सो जाओ। याद रखना, तुम मेरी पत्नी सिर्फ दुनिया के लिए हो, इस कमरे में तुम्हारी जगह उस सोफे तक ही सीमित है।" शौर्य मुड़ा और वाशरूम की तरफ जाने लगा। जाते-जाते वह रुका और बिना पीछे मुड़े बोला, "और हाँ... रात को अगर कोई दरवाजा खटखटाए, तो खोलना मत। चाहे वो आवाज मेरी ही क्यों न हो।" मीरा अकेली उस आलीशान लेकिन डरावने कमरे में खड़ी रह गई। उसके कान में शौर्य की आखिरी बात गूँज रही थी— 'चाहे वो आवाज मेरी ही क्यों न हो...'। मतलब? क्या इस कमरे में शौर्य के अलावा भी कोई और है?लेखक परिचय: नमस्ते दोस्तों! मैं हूँ आपकी अपनी कामिनी खांडे, एक सस्पेंस और डार्क रोमांस राइटर। मेरी कहानियों में आपको मिलेगा खौफ, प्यार और ऐसे राज़ जो आपकी नींद उड़ा देंगे। पाठकों के लिए संदेश: दोस्तों, "अधूरा सौदा" का यह पहला पड़ाव आपको कैसा लगा? क्या मीरा इस खौफनाक हवेली के राज़ समझ पाएगी? 🌟 अगर आपको कहानी पसंद आई, तो कृपया इसे 5-Star रेटिंग दें और अपनी कीमती राय कमेंट्स में बताएं। आपका एक छोटा सा रिव्यू मुझे और भी खतरनाक और रोमांचक एपिसोड्स लिखने की प्रेरणा देता है। अगले एपिसोड में देखिए: "आधी रात का साया और शौर्य का असली चेहरा!" > जुड़े रहिये... रोमांच अभी शुरू हुआ है!नमस्ते दोस्तों! मैं हूँ कामिनी खांडे। सस्पेंस और डार्क रोमांस की दुनिया में आपका स्वागत है। मेरी कहानियाँ सिर्फ सुनी नहीं, महसूस की जाती हैं। Support your Writer: 🌟 अगर इस पहले एपिसोड ने आपके रोंगटे खड़े कर दिए हैं, तो अभी इस कहानी को 5-Star रेटिंग दें! > आपके कमेंट्स और रेटिंग ही मुझे इस खौफनाक सफर को और भी रोमांचक बनाने की ताकत देते हैं। अगला एपिसोड (Coming Soon): "बेड के नीचे का राज़ और पहली पत्नी की रूह!" क्या मीरा सुबह का सूरज देख पाएगी? अभी Subscribe करें!समझौते की पहली रात

1776617131135.webp
पसंद करना
टिप्पणी
शेयर करना
avatar

Shivam Rao

1776679099
nice
1 · 0 · 0

टिप्पणी हटाएं

क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?

avatar

Tanvi Patel

1776680397
awesome
1 · 0
1 जवाब

टिप्पणी हटाएं

क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?

avatar

Tanvi Patel

1776680402
awesome
1 · 0
2 जवाब

टिप्पणी हटाएं

क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?

 और पोस्ट लोड करें
    जानकारी
  • 3 पदों

  • पुरुष
के बारे में

मैं एक प्रोफेशनल कंटेंट राइटर और डिजिटल क्रिएटर हूँ। मुझे हॉरर, सस्पेंस और डार्क रोमांस कहानियाँ लिखने में महारत हासिल है। मैं रोज़ाना 5,000+ शब्द लिखने का अनुभव रखती हूँ और पाठकों को अपनी कहानियों से बांधे रखना जानती हूँ।

    और जानकारी
    एलबम 
    (0)
    निम्नलिखित 
    (0)
    समर्थक 
    (4)
  • Dileep Maurya
    Radhika Kumeri
    Shristi Kumari
    Soniya Kishori

© {तारीख} Story Mania

भाषा

  • के बारे में
  • ब्लॉग
  • संपर्क करें
  • अधिक
    • गोपनीयता नीति
    • उपयोग की शर्तें
    • Delete Account
    • Contact Us
    • Shipping and Delivery Policy,
    • Cancellation and Refund
    • aaa
    • How To Publish A novel
    • About Us
    • Terms of Service
    • Story Mania's Privacy Policy

unfriend

क्या आप वाकई मित्रता समाप्त करना चाहते हैं?

इस प्रयोक्ता की जानकारी दें

महत्वपूर्ण!

क्या आप वाकई इस सदस्य को अपने परिवार से हटाना चाहते हैं?

आपने पोक किया है Kaminisujitkhande

आपकी परिवार सूची में नया सदस्य सफलतापूर्वक जोड़ा गया!

अपना अवतार क्रॉप करें

avatar

© {तारीख} Story Mania

  • घर
  • के बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • उपयोग की शर्तें
  • ब्लॉग
  • अधिक
    • Delete Account
    • Contact Us
    • Shipping and Delivery Policy,
    • Cancellation and Refund
    • aaa
    • How To Publish A novel
    • About Us
    • Terms of Service
    • Story Mania's Privacy Policy
  • भाषा

© {तारीख} Story Mania

  • घर
  • के बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • उपयोग की शर्तें
  • ब्लॉग
  • अधिक
    • Delete Account
    • Contact Us
    • Shipping and Delivery Policy,
    • Cancellation and Refund
    • aaa
    • How To Publish A novel
    • About Us
    • Terms of Service
    • Story Mania's Privacy Policy
  • भाषा

टिप्पणी सफलतापूर्वक रिपोर्ट की गई।

पोस्ट को आपकी टाइमलाइन में सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया था!

आप अपने 1000000 मित्रों की सीमा तक पहुंच गए हैं!

फ़ाइल आकार त्रुटि: फ़ाइल अनुमत सीमा (92 MB) से अधिक है और इसे अपलोड नहीं किया जा सकता है।

आपका वीडियो संसाधित किया जा रहा है, जब यह देखने के लिए तैयार होगा तो हम आपको बताएंगे।

फ़ाइल अपलोड करने में असमर्थ: यह फ़ाइल प्रकार समर्थित नहीं है।

हमने आपके द्वारा अपलोड की गई छवि पर कुछ वयस्क सामग्री का पता लगाया है, इसलिए हमने आपकी अपलोड प्रक्रिया को अस्वीकार कर दिया है।

पोस्ट को ग्रुप में शेयर करें

पेज पर शेयर करें

उपयोगकर्ता को साझा करें

आपकी पोस्ट सबमिट कर दी गई थी, हम जल्द ही आपकी सामग्री की समीक्षा करेंगे.

छवियों, वीडियो और ऑडियो फ़ाइलों को अपलोड करने के लिए, आपको प्रो सदस्य में अपग्रेड करना होगा। प्रो में अपग्रेड

ऑफ़र संपादित करें

0%

टियर जोड़ें








एक छवि चुनें
अपना स्तर हटाएं
क्या आप वाकई इस स्तर को हटाना चाहते हैं?

समीक्षा

वॉलेट से भुगतान करें

अपना पता हटाएं

क्या आप वाकई इस पते को हटाना चाहते हैं?

अपना मुद्रीकरण पैकेज हटाएँ

क्या आप वाकई इस पैकेज को हटाना चाहते हैं?

सदस्यता रद्द

क्या आप वाकई इस उपयोगकर्ता की सदस्यता समाप्त करना चाहते हैं? ध्यान रखें कि आप उनकी किसी भी मुद्रीकृत सामग्री को नहीं देख पाएंगे।

अपना मुद्रीकरण पैकेज हटाएँ

क्या आप वाकई इस पैकेज को हटाना चाहते हैं?

भुगतान चेतावनी

आप आइटम खरीदने वाले हैं, क्या आप आगे बढ़ना चाहते हैं?
भुगतान वापस करने का अनु्रोध करें

भाषा

  • Bengali
  • English
  • Hindi
  • Urdu