नीलम जी को विश्वास था कि माधव श्रीदा को कुछ नहीं होने देगा, और पिछले दिनों जो कुछ भी हुआ था उसे लेकर आरव पर भी कोई शक नहीं था ,उन्हें आरव और माधव दोनों पर यकीन था कि वो दोनों उनकी बेटियों को कुछ नहीं होने देंगे ! अभय जी भी हाथ पर हाथ रख कर बैठे नहीं थे ! वो अपनी बेटियों की जान बचाने में पूरी तरह से लगे हुए थे ! अभय जी जानते हैं कि आरव ने दुनिया के सबसे अच्छे डॉक्टर लाए हैं फिर भी वो अपनी एक कोशिश और कर रहे थे ! सबने अपने संपर्क और पूरी ताकत लगा दी थी, लेकिन ना श्रीदा का कुछ पता चल रहा था और ना ही अनाया की हालत सुधार रही थी !
please story read kare aur like comment jarur kare.....
Shristi Kumari
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