सब्र के साए पार्ट 5 आ चुका है
कभी-कभी सही रास्ता चुनना… सबसे मुश्किल फैसला होता है… 💔
आज पहली बार…
आरिफ ने अपनी खामोशी तोड़ी…
और वो कदम उठाया जो सब कुछ बदल सकता है…
आयशा के दिल में पहली बार उम्मीद जगी…
मगर उसी पल… एक नया डर भी पैदा हो गया…
क्योंकि अब ये सिर्फ दिल की बात नहीं रही…
बल्कि पूरे घर का फैसला बन चुकी है…
क्या सच्ची मोहब्बत को उसका सही मुकाम मिलेगा…
या फिर हालात सब कुछ बदल देंगे…?
Reena Singh
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shama gupta
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Namichand Gurjar
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