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अभिनव जी ने मन में कहा, हे भगवान, कुछ ऐसा कर..

अभिनव जी ने मन में कहा, "हे भगवान, कुछ ऐसा करो कि ईरांशी बस मल्होत्रा मेंशन न आ पाए। अगर ऐसा हुआ तो..."

वो कह ही रहे थे कि वहीं सामने से ईरांशी आ रही थी। ईरांशी अब हॉल में आ चुकी थी, उसने सबकी ओर देखा। फिर सामने वाले सोफ़े पर बैठे एक आदमी को , जो काफ़ी उम्रदराज़ थे मतलब जयवंत जी को। ईरांशी उन्हें देखने लगी। उसकी नज़रे जयवंत जी के आंखों पर अटक गई वे बेहद खूबसूरत थी बिल्कुल ईरांशी की तरह। वही सामने वाले आदमी ने अपने सामने खड़ी लड़की को ग़ौर से देखा और उनके चेहरे पर एक दर्द भरी मुस्कान तैर गई।

ईरांशी कुछ बोलती, तभी वो आदमी खड़े होते हुए बोला, "हम जानते हैं, आपके मन में काफ़ी सारे सवाल होंगे, जब ह..."

तभी बीच में अभिनव जी बोले, "ईरांशी, जाइए यहाँ से।" ईरांशी अपने डैड को देखने लगी। तो उन्होंने चिल्लाकर कहा, "आपने सुना नहीं क्या, ईरांशी?"

***

अभिनव जी इतने गुस्से में क्यों थे?? और क्यों उन्होंने ईरांशी को तुरंत वहाँ से जाने के लिए कहा? क्या वे ईरांशी को किसी सच्चाई से दूर रखना चाहते थे या कुछ और? आगे जानने के लिए पढ़िए “Twisted Desire” का आज का चैप्टर।।❣️❣️

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