विक्रम ने हल्की कड़वाहट से हँसते हुए कहा,
“क्योंकि इस ऑफिस में हर कोई जल्दी निष्कर्ष निकाल लेता है… जैसे आप लोग अभी निकाल रहे थे।”
कुछ पल के लिए खामोशी छा गई।
आर्यव ने पूछा,
“फिर कल रात क्या हुआ?”
विक्रम की नजरें थोड़ी गंभीर हो गईं।
“मैं रात को आया… और सीधे उसी केबिन के पास छिप गया। मुझे लगा आज वह इंसान जरूर आएगा।”
आरोही ने धीरे से पूछा,
मर्यादाओं में बंधी एक डोर....
Diksha Sharma
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Diksha Sharma
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Anshul Varshney
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saan
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Seema 03666
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SUSHMA THAPA
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Juli Mandal
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Vijayanta Siyag
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Vijayanta Siyag
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