दो अलग दुनिया… और चार दिल, जिनकी किस्मत एक ही कहानी में लिखी गई है। कबीर अहमद मिर्जा और हिना वकार मिर्जा— निकाह हो चुका है, मगर दिलों के बीच अब भी दूरियाँ और गलतफहमियाँ खड़ी हैं। कबीर की खामोश मोहब्बत और हिना के दिल के सवाल… क्या कभी एक ही रास्ते पर आ पाएंगे? लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती… एक दिन अचानक एक और रिश्ता इस कहानी में कदम रखता है। अदिति… जिसकी शादी के दिन उसकी बारात ही नहीं आती। और उसी पल हालात उसे एक ऐसे फैसले की तरफ धकेल देते हैं, जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी— पंजाब की राजनीतिक फैमिली के वारिस विक्रमजीत सिंह मानशाहिया से अचानक हुई शादी। डरी हुई अदिति को लगता है कि यह रिश्ता सिर्फ मजबूरी है… मगर विक्रम का सादा स्वभाव, उसका सम्मान और उसका अपनापन धीरे-धीरे उसके दिल के डर को पिघलाने लगता है। एक तरफ परंपराओं में बंधा कबीर और हिना का रिश्ता… दूसरी तरफ किस्मत से बना विक्रम और अदिति का रिश्ता… चार दिल… दो संस्कृतियाँ… और एक कहानी जहाँ मोहब्बत धीरे-धीरे अपने रास्ते खुद बनाती है। इज़हार अभी बाकी है… मगर दिल शायद पहले ही फैसला कर चुके हैं।Check out कुबूल है🍁🍁 कुछ रिश्ते मजबूरी में बनते हैं… मगर वक्त उन्हें मोहब्बत में बदल देता है। novel on Story Mania https://storymania.in/SZDiieAhrne Read long story (150+ parts) only on Story Mania
Vijayanta Siyag
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SUSHMA THAPA
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Diksha Sharma
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