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आप लोग इस अध्याय को पढ़ने से पहले पिछला अध्याय अवश..

आप लोग इस अध्याय को पढ़ने से पहले पिछला अध्याय अवश्य पढ़े जिससे आपको यह कहानी और भी अच्छे ढंग से समझ आ सके ।

अब तक आप लोगों ने इस कहानी में पढ़ा........।

सभी लोग डाइनिंग टेबल पर अपना अपना नाश्ता कर रहे थे तभी शिव बोला मैं और गौरी अब मेरे विला जा रहे हैं । उसकी बात सुन कर सभी लोग शौक हो गए उन सभी लोगों में से सबसे ज्यादा शौक‌ गौरी थी ।

चलिए अब हम अपनी कहानी को आगे की तरफ लेकर चलते हैं .......।

वही जब सब ने शिव की यह बात सुनी तो सभी लोग ऊषा जी की तरफ देखने लगे । ऊषा जी ने जब यह सुना की शिव अपने विला में वापस जाना चाहता है तो उन्होंने थोड़ी देर कुछ सोच कर फिर कहा ठीक है शिव आप वापस अपने विला जा सकते हैं । जब सभी ने ऊषा जी की बात सुनी तो उनकी बात सुन कर सब दोबारा से शोक्ड हो गए ।

लेकिन गौरी उतना शौक नहीं है क्योंकि उसे पता नहीं था । लेकिन और सभी को पता था कि ऊषा जी शिव को कितना ज्यादा प्यार करती हैं । शिव सबसे ज्यादा शौक था क्योंकि उसकी दादी ने बिना जिद्द किये उसको जाने के लिए हां कह दिया था । लेकिन उसने फिर भी उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं करी और अपने चेहरे पर कोई इमोशन आने नहीं दिया और शांत तरीके से ठीक है बोल कर अपना नाश्ता करने लग गया और वही सभी लोग भी अपना अपना नाश्ता करने लग गए ।

कुछ देर बाद ......... ।

शिव और गौरी दोनों नहीं नाश्ता कर लिया था । तो शिव खड़ा हुआ और गौरी की तरह देख कर बोला मैं बाहर आपका इंतजार कर रहा हूं गाड़ी में आप जल्दी से बाहर आ जाइए । गौरी ने भी ठीक है मैं उत्तर दिया और जल्दी से ऊपर की तरफ कमरे में जा कर अपना बैग लेने चली गई । वही उसके जाते ही सावित्री जी उषा जी की तरफ देख कर बोली ।

मां ये क्या किया आपने आप उसे अपने विला वापस क्यों जाने दे रही हैं । आप जानते हैं न वो अपना कभी ख्याल नहीं रखता है । और बस दिनभर काम काम करता रहता है उसको काम के अलावा कुछ दिखता भी नहीं है और न ही ठीक से खाता है और न ही ठीक से सोता है और आपने तो उसे जाने की इजाजत भी दे दी ।

उसकी बात सुन कर उषा जी ने बोली अब न मुझे न आपको न किसी को भी उसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है । क्योंकि उसे अब संभालने वाली आ गई है । और अब ये गौरी की जिम्मेदारी है की वह अपने पति को कैसे संभालती है ।

और मैंने यह फैसला सोच समझ कर ही लिया है । क्योंकि अब उन दोनों को अपना रिश्ता आगे बढ़ाना है । जिसके लिए उन्हें अभी दूसरे को समझना और संभावना भी होगा और इसलिए अपने अकेला छोड़ने की जरूरत है ।

उनकी ये बात सुन कर सभी को सही लगा तो जिससे सभी लोग अब डाइनिंग टेबल से उठ कर अपने- अपने काम पर लग गए । अब तक गौरी भी अपना बैग ले कर नीचे आ गई थी । फिर वो सीधा बाहर की तरफ चली गई । जहां शिव पहले से उसका इंतजार कर रहा था । वो सीधा जा कर कार में बैठ गई । तो शिव न ड्राइवर को कार गौरी के अस्पताल की तरफ ले जाने को बोल दिया ।

वही कार में शिव लैपटॉप पर अपना काम कर रहा था और गौरी खिड़की से बाहर देख रही थी । कुछ देर बाद कर आ कर सीधा हॉस्पिटल के सामने रूकी और गौरी कर से नीचे उतरी और बाय बोल कर अंदर चली गई । आज कार में गौरी और शिव दोनों ने ही कोई बात नहीं की थी और न ही गौरी ने कोई सवाल पूछा था । वही शिव भी ड्राइवर को बोल कर अपनी कर को ऑफिस की तरफ ले जाने के लिए बोल दिया । फिर वो‌ भी ऑफिस पहुंच कर अपने काम में लग गया ।

दोपहर का समय........ ।

गौरी का हॉस्पिटल ........ ।

आज हॉस्पिटल में ज्यादा पेशेंट ना होने के कारण गौरी पहुंच कर मास्क और ग्लव्स उतार कर वॉशरूम में चली गई । फिर कुछ देर बाद वो वॉशरूम से आ कर अपने चेयर पर आ कर बैठ जाती है और सोचती है कि अब क्या करें क्योंकि शिवतों से हमेशा शाम में लेने आता है ।

कुछ देर सोचने के बाद गौरी के दिमाग में आता है कि क्यों न आज वह शिव को लेने उसके ऑफिस चले जाए । इसीलिए वो जल्दी से कॉल करके ड्राइवर को हॉस्पिटल बुला लेती है । कुछ देर बाद ड्राइवर की हॉस्पिटल आ जाता है तो वो कार में जा कर बैठ कर बोली काका आज का उनके ऑफिस की तरह मोड लीजिए । वो इतना बोल कर आराम से बैठ जाती है ।

उसकी बात सुन कर ड्राइवर बोला जी मैडम । फिर ड्राइवर गाड़ी शिव के ऑफिस की तरफ घूमा लेता है । वही उनकी बात सुन कर गौरी बोलती है काका क्या आप हमसे बड़े हैं इसीलिए आप हमें हमारे नाम से बुलाईये । उसकी बात सुन कर ड्राइवर बोला लेकिन हम कैसे ....... । अभी वो इतना ही बोला था ।

की उनकी बात काटते हुए गौरी बोली हम कुछ नहीं जानते हैं बस आप हमें मैडम का कर नहीं बुलाएंगे । उसकी बात सुन कर वह ड्राइवर बोला ठीक है बिटिया । उनकी बात सुन कर गौरी बोली अब कहा न ठीक काका । उसकी बात सुन कर ड्राइवर मुस्कुरा दिया और गाड़ी चलाने लगा । वही गौरी भी कार में अपना फोन निकाल कर सोशल मीडिया चलने लगी ।

करीब 15 मिनट बाद......... ।

वो गाड़ी एक बड़ी से बिल्डिंग के सामने जा कर रुकी । जब गौरी को यह एहसास हुआ की गाड़ी रुक गई तब वो बोली क्या हुआ काका आपने गाड़ी क्यों रोक दी । उसकी बात सुन कर वो ड्राइवर बोला बिटिया वो शिव बाबू का ऑफिस आ गया है । जब गौरी बाहर देखी है की एक बड़ी सी बिल्डिंग पूरी कांच की थी ।

आगे की कहानी हम अगले अध्याय में पढ़ेंगे जब तक के लिए आप हमारे साथ ऐसे ही बने रहिए ।

मैं आशा करती हूं कि आपको मेरी आज की कहानी जरूर पसंद आई होगी ।

रीडर्स अगर आपको मेरी कहानी पसंद आ रही हो तो लाइक कमेंट और शेयर जरूर करे । और कमेंट में यह जरूर बताएं कि आप लोगों को मेरी कहानी कैसी लग रही है । जिससे मुझे यह पता चल सके कि मेरी कहानी आप लोगों को कैसे लग रही है और मैं उसे कहानी को और भी अच्छे ढंग से लिख सकूं । और ऐसे ही मेरी कहानी को पढ़ते रहिए ।

धन्यवाद !

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