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अंधेरी रात… जब चाँद की रोशनी भी काँपती है, तब चाँद..

अंधेरी रात… जब चाँद की रोशनी भी काँपती है, तब चाँद बावरी से उठती हैं दबे पाँव सिसकियाँ। कहते हैं उसकी सीढ़ियाँ हर बार गिनती बदल देती हैं - कुछ कॉलेज के दोस्त अनजाने में इस मायावी जाल में फँस जाते हैं, जहाँ हर परछाईं प्यास से तड़पती है… सिर्फ खून की! क्या वे इस रूहानी चक्रव्यूह को तोड़ पाएंगे, या बन जाएंगे उसी अंधेरे के हिस्से? रहस्यों की इस अंधेरी दुनिया का हिस्सा बनिए और महसूस कीजिए उस दहशत को जो हर पल आपके पीछे खड़ी है।"चाँद बावरी की प्यास " पढ़ते रहिये स्टोरी मेनिया पर।

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