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मैं शुरू कर रही हूँ एक लव स्टोरी… जो आज की नहीं..

मैं शुरू कर रही हूँ एक लव स्टोरी…
जो आज की नहीं, 90s की है।
वो दौर…
जब मोबाइल फोन नहीं होते थे,
और गांवों में लैंडलाइन भी सिर्फ कुछ खास घरों में ही हुआ करते थे।
जब बातें चिट्ठियों में होती थीं…
और मुलाकातें किस्मत से।
ये कहानी है पंजाब की मिट्टी से उठती खुशबू की,
जहां इश्क भी सादा होता था…
लेकिन गहरा बहुत।
ये एक नहीं…
दो लव स्टोरीज़ की कहानी है—
एक तरफ—
वारिस चौधरी ❤️ आयरा मलिक
और दूसरी तरफ—
वसीम चौधरी ❤️ सानिया
वारिस चौधरी…
गुस्से से भरा हुआ,
एटीट्यूड ऐसा कि किसी की परवाह नहीं।
उसे देखकर ही डर लगता है…
औरतों से दूर रहने वाला, और औरतों को दबा कर रखने वाला।
या यूँ कहो—लोग उसे ऐसा ही समझते हैं।
लेकिन सच क्या है…?
ये हम जानेंगे आयरा के साथ-साथ…
और दूसरी तरफ—
वसीम चौधरी…
मस्त-मौला, अपनी ही धुन में जीने वाला।
और सानिया—
आग का गोला।
दोनों की बिल्कुल नहीं बनती।
अगर कोई सानिया से पूछे कि उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी ख्वाहिश क्या है—
तो वो कहेगी,
“मैं वसीम का मर्डर करना चाहती हूँ।” 😤
और अगर वसीम से पूछा जाए—
तो वो हंसकर कहेगा,
“मैं इस सानिया को कॉलेज से निकलवाना चाहता हूँ।” 😎
जहां वसीम ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर में है…
वहीं सानिया फर्स्ट ईयर में।
अब ये दोनों कैसे टकराएंगे…?
कैसे एक-दूसरे की जिंदगी में तूफान लाएंगे…?
ये आप भी देखिए…
हमारे साथ…
वो दौर…
जब फिल्में थिएटर में लगती थीं,
और पंजाब के गानों में सच्चा इश्क झलकता था…
पंजाब दे पिंड “रहमतपुरा” (मलेरकोटला के पास) में
शुरू होती है ये कहानी…
एक ऐसी मोहब्बत की…
जिसकी खुशबू मिट्टी में बसती है…
और दिलों में बस जाती है… 💔✨Check out my novel: कतरा कतरा इश्क 🍁🍁“हर धड़कन में तुम हो… और हर दुआ में नाम तुम्हारा…”!

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