तभी स्नेहा को अचानक कुछ याद आया। "Wait…" उसने जल्दी से उसका फोन उठाया और उसे अनलॉक कर कुछ करने लगी। "तू भूल गई क्या?"
"क्या?" मेहर ने हैरानी से उसे देखते हुए पूछा।
" अरे! कल जो मेल आया था!" उसने फोन की स्क्रीन मेहर के सामने कर दी।
मेहर ने उलझन से उसकी तरफ देखा। "कौन सा?"
"अरे वही, Shekhawat Group of Industries वाला job offer!" स्नेहा ने स्क्रीन की तरफ इशारा करते हुए कहा।
Check out Ek Diwane Ki Deewaniyat novel on Story Mania
https://storymania.in/SZDcdgfAvcwp
Read long story (150+ parts) only on Story Mania
shama gupta
टिप्पणी हटाएं
क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?
Premjeet Randhawa
टिप्पणी हटाएं
क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?
Priti Goyal
टिप्पणी हटाएं
क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?