ये समझती क्या है “, उसने कहा । वही राधा अनुपमा के साथ आ गई थी । यहाँ राधा अपना फोन देख रही थी जिस पर पिया के कितने कॉल थे और मैसेज भी ।
“ तुम आराम से देखो मै रूम में हूँ “, अनुपमा ने कहा । तो राधा अपने रूम की तरफ चल दी वही । मन तो पहले ही विराट के साथ था । राधा अपने रूम में आई और पिया को फोन लगा दिया ।
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ये शादी इस घर मे मन को रखने के लिए हुई है ना के हम दोनों के बीच किसी रिश्ते के चलते। तो आगे से ये सब कहने से पहले सोच लेना “, राधा ने कहा । और वापस अपने रूम मे चली गई वही विराट अनुपमा देखते रह गए और किशन गुस्से मे ।
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पता है उस दिन मुझे एक और परिवार मिला जिसमे एक बुड़ी अम्मा और बाबा जी थे । दोनों एक गुरुद्वारे मे रहते थे शायद उस रात वो उस सड़क से गुजरे थे और मुझे भी अपने साथ लेकर चल दिए । उन दोनों ने मुझे उस समय संभाला जब मुझे अपनों की जरूरत थी । कोई पूछ ताछ नहीं बस प्यार मिला मुझे उनसे । और वो प्यार इतना था के मैअपने दुख भूलने लग थी। और उनके साथ ही रहने लगी । ।
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तो आप को किसने कहा था इतने लंबे होने को ।" सृष्टी एक्दम से बोली तो गगन हैरान सा रह गया । वही सतीश रंजीता भी उसकी बात सुन पहले हैरान हूए फिर हँसने लगे । अब सृष्टी की भी क्या गलती थी वो तो बहुत मुश्किल से उसके कंधे तक ही आती थी ।
गगन ने झुक कर सृष्टी का चेहरा देख तो सृष्टी उसके ऐसा करने से पीछे हटने लगी पर पैर लड़खड़ा जाने से वो गिरने ही वाली थी के गगन ने उस के हाथ को पकड़कर अपनी तरफ खिंच लिया । दोनो के चेहरे एकदम आमने सामने थे । वही रंजीता सतीश हैरान से उनको देख रहे थे ।
Saba Quraishi
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Nishuakash Soni
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Shristi Kumari
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