नीति, तुम मेरी वो अमानत हो जिसे मैंने मौत के जबड़े से छीना है। अब तुम्हें इस दुनिया की धूल भी छू ले, ये तुम्हारी किस्मत में नहीं... और मेरी मर्जी के बिना तो मौत भी तुम्हें दोबारा नहीं ले जा सकती।" - प्रोफेसर मृत्युंजय
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Rinku Verma
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Seema 03666
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Ira Rajput
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