वैदेही ने धीरे से कहा—
“और कुछ चीज़ें… आगे बढ़ने के लिए छोड़नी पड़ती हैं।”
विक्रम ने कुछ जवाब नहीं दिया।
लेकिन उसकी आँखों में अब भी वही सवाल था—
क्या काव्या कभी वापस आएगी?
नीचे—
अर्जुन, आर्या और नायरा बैठे थे।
नायरा हँसते हुए बोली—
“कम से कम अब तो शांति है…”
अर्जुन ने हल्का-सा सिर हिलाया—
“असली शांति कभी ज्यादा देर नहीं रहती।”
आर्या
Saba Quraishi
تبصرہ حذف کریں۔
کیا آپ واقعی اس تبصرہ کو حذف کرنا چاہتے ہیں؟
Saba Quraishi
تبصرہ حذف کریں۔
کیا آپ واقعی اس تبصرہ کو حذف کرنا چاہتے ہیں؟
Geeta
تبصرہ حذف کریں۔
کیا آپ واقعی اس تبصرہ کو حذف کرنا چاہتے ہیں؟