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पता है उस दिन मुझे एक और परिवार मिला जिसमे एक बुड़ी अम्मा और बाबा जी थे । दोनों एक गुरुद्वारे मे रहते थे शायद उस रात वो उस सड़क से गुजरे थे और मुझे भी अपने साथ लेकर चल दिए । उन दोनों ने मुझे उस समय संभाला जब मुझे अपनों की जरूरत थी । कोई पूछ ताछ नहीं बस प्यार मिला मुझे उनसे । और वो प्यार इतना था के मैअपने दुख भूलने लग थी। और उनके साथ ही रहने लगी । ।
Babita Sachdeva
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Babita Sachdeva
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Vijayanta Siyag
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