https://storymania.in/SZDbgfbAcbmp
पता है उस दिन मुझे एक और परिवार मिला जिसमे एक बुड़ी अम्मा और बाबा जी थे । दोनों एक गुरुद्वारे मे रहते थे शायद उस रात वो उस सड़क से गुजरे थे और मुझे भी अपने साथ लेकर चल दिए । उन दोनों ने मुझे उस समय संभाला जब मुझे अपनों की जरूरत थी । कोई पूछ ताछ नहीं बस प्यार मिला मुझे उनसे । और वो प्यार इतना था के मैअपने दुख भूलने लग थी। और उनके साथ ही रहने लगी । ।
Babita Sachdeva
মন্তব্য মুছুন
আপনি কি এই মন্তব্যটি মুছে ফেলার বিষয়ে নিশ্চিত?
Babita Sachdeva
মন্তব্য মুছুন
আপনি কি এই মন্তব্যটি মুছে ফেলার বিষয়ে নিশ্চিত?
Vijayanta Siyag
মন্তব্য মুছুন
আপনি কি এই মন্তব্যটি মুছে ফেলার বিষয়ে নিশ্চিত?